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Saturday, October 3, 2009

........दुनिया........

यहाँ मंजिल सिर्फ शमसान  होती है
जिंदगी हुस्न की गुलाम होती है
दुनिया दौलत से सलाम होती है
लो हमने भी छोड़ दी शायरी
पर यहाँ महफ़िल तो हर शाम होती है 

7 comments:

  1. चलिये ये भी ठीक रहा,दीपावली की शुभकामनायें

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  2. सुंदर रचना !

    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

    http:gunjanugunj.blogspot.com

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  3. झिलमिलाते दीपो की आभा से प्रकाशित , ये दीपावली आप सभी के घर में धन धान्य सुख समृद्धि और इश्वर के अनंत आर्शीवाद लेकर आये. इसी कामना के साथ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ दीपावली की हार्दिक शुभकामनाए.."

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  4. आपका स्वागत है

    आपको और आपके परिवार को दीपोत्सव की

    हार्दिक बधाइयां

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  5. WiSh U VeRY HaPpY DiPaWaLi.......

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  6. हुज़ूर आपका भी एहतिराम करता चलूं.........
    इधर से गुज़रा था, सोचा, सलाम करता चलूं....

    http://www.samwaadghar.blogspot.com/

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  7. Yaha aakar bhi shayar ko hi paya bedil
    ham nadaan samjh rahe the ye insaani basti hai

    http://ajaaj-a-bedil.blogspot.com

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