.......हमेशा.......
डर लगता है तुम्हें अँधेरी रातों से
इसीलिए बैठे हो छत की मुंडेरों पर
मगर
चाँद और चाँदनी रात हमेशा नहीं रहती
गुम हो किसी बेदिल के ख्यालों में
अगर किया इश्क किसी संग दिल से
तो
ऐसी इश्क और उसकी उम्मीद हमेशा नहीं रहती
आह ये शबनम की बुँदे मेरी पलकों पे कितनी अच्छी लगती है
आँखों को ठंढक और दिल को तसल्ली देती हुई
मगर
ये नम आखें और उसकी बुँदे हमेशा नहीं रहती
कि पतझर है और राहों में बिछे है फूल गुलमोहर के
शायद इन्हें भी है तुम्हारे आने कि उम्मीद
पर
ये पतझर और तेरे आने कि उम्मीद हमेशा नहीं रहती
किसे है तुमसे कामयाबी की उम्मीद "निवास"
कि कामयाबी और उसकी उम्मीद हमेशा नहीं रहती